मामाजी का टूथब्रश से बहुत लगाव था | मामाजी दिन में खाना खाने के बाद और रात को खाना खाने के बाद टूथब्रश जरूर करते थे | ये उनकी आदत में था | टूथब्रश से जुड़ा एक किस्सा याद आ रहा है | मेरे दसवीं बोर्ड के एग्जाम चल रहे थे | दसवीं बोर्ड के एग्जाम पेपर का टाइम दिन का रहता था| दिन में 3 बजे से पेपर शुरू होता था | और मेरा एग्जाम सेंटर गवर्नमेंट स्कूल अम्बामाता में आया था | मामा मुझे एग्जाम सेंटर पर छोड़ने के लिए लंच टाइम पर आते थे | यह सच में मेरे लिए बड़ी बात थी क्योंकि अपने काम को बीच में छोड़कर मुझे सेंटर पर छोड़ने के लिए आते थे कई बार में बोलता भी था की में ऑटो में चला जाऊंगा लेकिन वो कहते थे आते समय ऑटो में आ जाना | जाते समय कहा ऑटो के चक्कर में पड़ेगा | एक बार मामा ऑफिस से आने में थोड़ा लेट हो गए तो आते ही फटाफट खाना खाया फिर जल्दी जल्दी बात करते हुए ब्रश पर पेस्ट लगाके दन्त मंजन करने लगे | लेकिन जैसे ही पेस्ट मुँह में गया तो बोला की ये पेस्ट को क्या हो गया ये इतना कड़वा क्यों लग रहा? फिर फटाफट मुँह धोने लगे ध्यान से देखा तो पता चला की जल्द बाज़ी में उन्होंने टूथ पेस्ट की बजाय...